ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन

CEC Gyanesh Kumar: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन

SIR को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन

नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने सोमवार, 28 सितंबर को कई राज्यों में प्रदर्शन किया। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए।

रिपोर्टों के मुताबिक, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैलियां, धरने और मार्च निकाले। अलग-अलग स्थानों पर पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे।

कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया से जुड़े सवाल सामने आए हैं। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया है।

रांची में CEO कार्यालय का घेराव, जिलों में भी प्रदर्शन

रांची: झारखंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी प्रदर्शन का आह्वान किया था। कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर के पास से विरोध मार्च निकाला, जो धुर्वा स्थित CEO कार्यालय के पास पहुंचा।

झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग के कामकाज से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ये आरोप कांग्रेस के राजनीतिक रुख के तौर पर प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने राज्य में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने को सुनिश्चित करने की मांग रखी।

कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन के समर्थन में निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया। इन रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।

जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना में भी प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की ओर से जम्मू क्षेत्र के कई जिलों में प्रदर्शन किए गए। जम्मू शहर में कार्यकर्ताओं ने शहीदी चौक पर प्रदर्शन के बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रोक दिया।

पार्टी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR से जुड़े फैसलों की समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

वहीं तेलंगाना में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद में प्रदर्शन किया। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क भी प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया और CEC के इस्तीफे की मांग की।

महाराष्ट्र, मणिपुर और कर्नाटक में भी सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी राज्य के कई जिलों में SIR को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुंबई के अलावा पुणे, नागपुर, नासिक, कोल्हापुर, अमरावती समेत कई जिलों में प्रदर्शन हुए।

मणिपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में निर्वाचन आयोग के कामकाज और SIR को लेकर विरोध जताया। इंफाल पूर्वी जिले में उपायुक्त कार्यालय के पास प्रदर्शन किया गया।

कर्नाटक में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर मार्च और प्रदर्शन किए। मेंगलुरु में दक्षिण कन्नड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने पैदल मार्च निकाला और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

SIR विवाद पर कांग्रेस और बीजेपी के अलग-अलग दावे

SIR को लेकर कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में कथित बदलाव और नाम हटाए जाने के सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।

गुजरात में प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्रनगर जिला बीजेपी अध्यक्ष हार्दिक तमालिया ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि चुनावी नतीजों के आधार पर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाना उचित नहीं है। यह बीजेपी की ओर से दिया गया राजनीतिक जवाब है।

वहीं निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद पर प्रकाशित रिपोर्टों में आयोग की ओर से फैसलों को संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा बताए जाने और आरोपों को खारिज किए जाने का भी उल्लेख है।

इस पूरे विवाद का केंद्र फिलहाल SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल हैं। कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन के जरिए इन मुद्दों पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की है, जबकि आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं।

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