रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले पूर्णकालिक CEO

Ram Mandir Trust: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले पूर्णकालिक CEO, तीन नए ट्रस्टी भी नियुक्त

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। बुधवार को अयोध्या में हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।

ट्रस्ट की बैठक अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में हुई। जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली थी।

5585 आवेदनों के बाद जितेंद्र मिश्रा का चयन

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के चयन के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ मैनुअल मूल्यांकन भी किया गया।

उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए 600 अंकों का ढांचा तैयार किया गया था। प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद 470 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को अगले चरण में शामिल किया गया।

इसके बाद उम्मीदवारों के ऑनलाइन और व्यक्तिगत साक्षात्कार हुए। अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया। चयन समिति ने तीन उम्मीदवारों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा था। इसके बाद बुधवार की बैठक में जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम सहमति बनी।

ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल

बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।

मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े कानूनी मामलों की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी।

महेश भागचंदका और निर्मला यादव की भूमिका

महेश भागचंदका दिवंगत विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं। वह अशोक सिंघल फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं और लंबे समय से फाउंडेशन की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भागचंदका ने अशोक सिंघल की जीवनी भी लिखी है। राम मंदिर के भूमि पूजन से जुड़े आयोजन में भी उनकी भूमिका रही थी।

वहीं, शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट की नई सदस्य बनाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बताया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ट्रस्ट में महिला प्रतिनिधित्व भी बढ़ा है।

दान विवाद के बीच महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति

राम मंदिर ट्रस्ट में यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब मंदिर को मिले चढ़ावे और दान के कथित गबन को लेकर विवाद की खबरें सामने आई हैं। इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।

विवाद के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों के पद से हटने की जानकारी दी गई है। ऐसे में पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

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