India-China Relations: एस. जयशंकर की दो टूक, सीमा पर शांति नहीं तो रिश्ते सामान्य नहीं
- By rakesh --
- 15 Oct 2026 --
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नई दिल्ली। भारत और चीन के संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती इलाकों में किसी भी तरह की गड़बड़ी का असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत-चीन सीमा का मुद्दा कई दशकों से चला आ रहा है और 2024 के बाद सीमावर्ती हालात में सुधार के साथ संबंध भी सामान्य होने की दिशा में बढ़े हैं।
भारत-चीन सीमा विवाद दशकों पुराना मुद्दा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा का पूरी तरह निर्धारित होना लंबे समय से एक चुनौती रहा है। उनके मुताबिक, यह कोई नया विवाद नहीं है, बल्कि कई दशकों से चला आ रहा है।
जयशंकर ने 1975 से 2020 के बीच की अवधि का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान सीमा पर जानलेवा घटनाएं नहीं हुई थीं। उन्होंने 1975 को सीमा पर मौतों की आखिरी घटना वाला वर्ष बताया। उनके बयान के अनुसार, इस अवधि में भारत और चीन के संबंधों में भी सुधार हुआ था।
2020 में सीमा पर बदले हालात
जयशंकर ने कहा कि वर्ष 2020 में सीमा पर परिस्थितियां बदल गईं। उस दौरान कई मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ा और दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के सैनिकों की जान गई।
विदेश मंत्री ने इस घटनाक्रम को पहले की स्थिति से बड़ा बदलाव बताया। उनके मुताबिक, सीमा पर तनाव और हिंसक घटनाओं का असर व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ा।
सीमा पर शांति भंग होने का रिश्तों पर पड़ता है असर
विदेश मंत्री ने जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता किसी भी सामान्य द्विपक्षीय संबंध की बुनियादी शर्त है। उन्होंने कहा कि सीमा पर हालात बिगड़ने से दोनों देशों के संबंध प्रभावित होते हैं।
जयशंकर के अनुसार, तनाव कम करने और सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए काफी समय लगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता कायम नहीं होती, तब तक संबंधों को पूरी तरह सामान्य करना मुश्किल है।
2024 के बाद संबंध सामान्य होने की दिशा में बढ़े
चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर स्थिरता जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश सामान्य संबंध चाहते हैं, तो सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखना आवश्यक होगा।
विदेश मंत्री के मुताबिक, 2024 के बाद सीमा पर परिस्थितियों में काफी हद तक सुधार हुआ है। इसी के साथ दोनों देशों के संबंध भी सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि संबंधों में स्थायी सुधार के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है।
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