विमल इलायची विज्ञापन मामले में शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को FDA का नोटिस, 15 दिन में देना होगा जवाब
- By rakesh --
- 17 Aug 2026 --
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मुंबई: विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला कथित तौर पर प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार से जुड़ा है।
FDA ने Surrogate Advertising को लेकर उठाए सवाल
महाराष्ट्र FDA के अनुसार, विमल इलायची का संबंधित विज्ञापन प्रथम दृष्टया प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार यानी Surrogate Advertising के दायरे में आता है।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विज्ञापनों के जरिए जनता और खासकर युवाओं को गुमराह किए जाने की आशंका हो सकती है। इसी आधार पर तीनों अभिनेताओं से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
15 दिनों में देना होगा जवाब
FDA की ओर से 11 अगस्त को जारी किए गए नोटिस में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस में उनसे विज्ञापन से संबंधित अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। अब तीनों कलाकारों के जवाब के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया से सामग्री हटाने का निर्देश
महाराष्ट्र FDA ने तीनों अभिनेताओं को विज्ञापन से संबंधित प्रचार तत्काल रोकने का निर्देश भी दिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों से इस विज्ञापन से जुड़ी सामग्री हटाने को कहा गया है।
FDA की कार्रवाई के बाद अब यह मामला बॉलीवुड और विज्ञापन जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है Surrogate Advertising?
Surrogate Advertising ऐसी विज्ञापन रणनीति को कहा जाता है, जिसमें किसी प्रतिबंधित उत्पाद का सीधे प्रचार करने के बजाय उससे जुड़े किसी दूसरे उत्पाद या ब्रांड के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से ब्रांड की पहचान और प्रचार किया जाता है।
विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र FDA ने इसी पहलू पर सवाल उठाते हुए नोटिस जारी किया है। फिलहाल मामले में तीनों अभिनेताओं के जवाब का इंतजार है।
आगे क्या होगा?
अब शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को तय समयसीमा के भीतर FDA के नोटिस का जवाब देना होगा। उनके जवाब और उपलब्ध सामग्री की समीक्षा के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई पर फैसला कर सकता है।