Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने की मांग तेज

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने की मांग तेज, माता-पिता ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की उठाई मांग

नई दिल्ली। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट के पास धरने पर बैठे उनके माता-पिता को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया है। बुधवार रात हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिनमें से अंकिता के माता-पिता को बाद में रिहा कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के कुछ नेता अभी भी हिरासत में थे।

इंडिया गेट पर रातभर चला धरना-प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक, अंकिता भंडारी के माता-पिता बुधवार को इंडिया गेट के पास धरने पर बैठे थे। उनके साथ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, देर रात पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि सुबह करीब चार बजे यह कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बदसलूकी का आरोप लगाया।

दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग

यह प्रदर्शन बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में किया गया। अंकिता के माता-पिता की मांग है कि उनकी बेटी की हत्या के मामले में कथित VIP एंगल की सीबीआई जांच होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।

राहुल और प्रियंका गांधी ने की मुलाकात

बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने धरने के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुईं।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और अंकिता के लिए न्याय की मांग करने वालों के साथ उचित व्यवहार किए जाने की बात कही।

सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और 24 सितंबर 2022 को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।

इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को 30 मई 2025 को हत्या, सबूत मिटाने और अन्य अपराधों के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

VIP एंगल की जांच को लेकर जारी है मांग

अंकिता के माता-पिता अब मामले में कथित VIP एंगल की जांच की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस पहलू की जांच और न्याय की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि, कथित VIP एंगल से जुड़े आरोपों और उनकी जांच की स्थिति को लेकर संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

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