फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, जयपुर डायवर्ट हुआ विमान

दिल्ली जा रही एअर इंडिया फ्लाइट में हड़कंप, पायलटों ने हाईजैक कोड भेजने से किया इनकार

नई दिल्ली। एअर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली उड़ान को बुधवार को जयपुर की ओर डायवर्ट करना पड़ा। विमान से हाईजैकिंग से संबंधित आपातकालीन ट्रांसपोंडर कोड 7500 मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। हालांकि, विमान के पायलटों ने कथित तौर पर इस कोड को भेजने से इनकार किया और बताया कि उड़ान का संचालन सामान्य था। विमान में करीब 300 लोग सवार थे। घटना के बाद विमान, यात्रियों और सामान की जांच की गई। अब संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोड कैसे सक्रिय हुआ।

मुंबई एटीसी को मिला हाईजैक कोड 7500

मिली जानकारी के अनुसार, बोइंग 787-9 विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद उस लंबे मार्ग से गुजर रहा था, जिसका इस्तेमाल भारतीय एयरलाइंस पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण कर रही हैं। इसी दौरान मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान से ट्रांसपोंडर कोड 7500 मिला।

विमानन क्षेत्र में कोड 7500 का इस्तेमाल हाईजैकिंग या विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। इस सिग्नल के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को जयपुर की ओर मोड़ दिया गया।

पायलटों ने कोड भेजने से किया इनकार

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई एटीसी ने विमान के पायलटों से संपर्क किया। पायलटों ने कथित तौर पर कहा कि उड़ान के सभी संचालन सामान्य हैं और उन्होंने कोड 7500 भेजने से इनकार किया।

हालांकि, ऐसी स्थिति में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी होता है। इसी वजह से विमान को जयपुर में उतारने का फैसला लिया गया। वहां विमान को अलग स्थान पर खड़ा किया गया, ताकि आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी की जा सके।

यात्रियों और सामान की हुई जांच

जयपुर में विमान में सवार सभी लोगों और उनके सामान की जांच की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान सब कुछ सामान्य पाया गया। इसके बाद विमान को उसी चालक दल के साथ दिल्ली के लिए उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई।

फिलहाल उपलब्ध विवरण में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। हालांकि, कोड 7500 मिलने की वास्तविक वजह की पुष्टि होना अभी बाकी है।

तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य वजह की जांच

घटना के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विमान से हाईजैकिंग का संकेत क्यों मिला। जांच में संभावित तकनीकी समस्या, एटीसी सिस्टम की भूमिका और कोड सक्रिय होने की परिस्थितियों को देखा जा सकता है। हालांकि, किसी तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है।

वरिष्ठ पायलटों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रांसपोंडर पर कोड 7500 अनजाने में दर्ज होने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि इसे अंकों के जरिए मैन्युअल रूप से सेट किया जाता है। वहीं, वरिष्ठ एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों ने मुंबई एटीसी के नए सिस्टम में सॉफ्टवेयर संबंधी गड़बड़ी की संभावना कम बताई है।

क्या होते हैं कोड 7500, 7600 और 7700?

विमानन क्षेत्र में ट्रांसपोंडर कोड विमान की स्थिति या आपातकाल के संकेत देने में मदद करते हैं।

  • कोड 7500: विमान में हाईजैकिंग या गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत।
  • कोड 7600: रेडियो संचार में खराबी या संपर्क टूटने का संकेत।
  • कोड 7700: सामान्य आपातकालीन स्थिति का संकेत।

एअर इंडिया की उड़ान से कोड 7500 मिलने के मामले में अब जांच का मुख्य बिंदु यही है कि यह संकेत किस वजह से आया। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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