Bihar Investment News: 51,500 करोड़ के निवेश समझौतों पर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, पूछा- पुराने MoU का क्या हुआ?
- By rakesh --
- 14 Aug 2026 --
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पटना: बिहार में प्रस्तावित औद्योगिक निवेश को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार के उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच हुए निवेश समझौतों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 51,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए हुए समझौतों को लेकर सरकार दावे कर रही है, लेकिन पहले के समझौतों की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार से वर्ष 2024, 2025 और उससे पहले हुए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के MoU की स्थिति बताने की मांग की है।
51,500 करोड़ के निवेश पर तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव का आरोप है कि सरकार नए निवेश समझौतों को लेकर प्रचार कर रही है, लेकिन पुराने समझौतों का क्या हुआ, इसकी जानकारी जनता के सामने नहीं रखी जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि पिछले वर्षों में किए गए MoU में से कितने धरातल पर उतरे और कितने निवेश वास्तव में बिहार में आए। उन्होंने सरकार से इन समझौतों की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
22,500 करोड़ के निवेश के दावे पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने एक कंपनी के जरिए परमाणु क्षेत्र में प्रस्तावित 22,500 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका दावा है कि संबंधित कंपनी की स्थापना फरवरी 2026 में हुई और उसके पास कथित तौर पर करीब 11 लाख रुपये की पूंजी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम पूंजी वाली कंपनी बिहार में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किस तरह करेगी। हालांकि, ये सभी दावे और आरोप तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित कंपनी या सरकार का पक्ष इस दिए गए बयान में शामिल नहीं है।
सरकार से मांगा निवेश का पूरा हिसाब
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि जिन कंपनियों के साथ निवेश समझौते किए जा रहे हैं, उनकी वित्तीय क्षमता और निवेश की वास्तविक स्थिति क्या है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि बिना पर्याप्त जांच के कंपनियों को जमीन और सरकारी अनुदान दिया गया तो भविष्य में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का खतरा हो सकता है। उन्होंने सरकार से निवेश प्रस्तावों की पारदर्शी तरीके से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
बड़े निवेश का स्वागत, लेकिन कंपनियों की जांच जरूरी: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि बड़ी और सक्षम कंपनियां बिहार में उद्योग स्थापित कर अपनी पूंजी से निवेश करती हैं तो विपक्ष उनका स्वागत करेगा और हरसंभव सहयोग की बात करेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों की जगह यदि केवल कागजी कंपनियों के जरिए निवेश के दावे किए जाते हैं और बाद में सरकारी जमीन या अनुदान का लाभ लिया जाता है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिहार में निवेश के माहौल पर भी सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने बिहार में लंबे समय से एनडीए सरकार रहने के बावजूद बड़े औद्योगिक निवेश की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल और आधारभूत ढांचा तैयार नहीं किया जा सका, जिससे बड़े निवेशक बिहार में भरोसे के साथ पूंजी लगाने के लिए तैयार हों।
उन्होंने सरकार पर मीडिया प्रचार के जरिए उपलब्धियों का दावा करने का आरोप लगाया और कहा कि वास्तविक स्थिति में सुधार के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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