Rohini Acharya Patna Return: 11 महीने बाद पटना लौटीं रोहिणी, RJD में नई भूमिका को लेकर चर्चा तेज

Rohini Acharya Patna Return: 11 महीने बाद पटना लौटीं रोहिणी, RJD में नई भूमिका को लेकर चर्चा तेज

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य करीब 11 महीने बाद गुरुवार, 1 अक्टूबर को सिंगापुर से पटना लौट आईं। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली हार के बाद परिवार में विवाद की खबरों के बीच उन्होंने पटना छोड़ दिया था। अब पिता के बुलावे पर उनकी वापसी के बाद परिवार के साथ-साथ बिहार की राजनीति में भी उनके अगले कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी को लेने के लिए लालू प्रसाद यादव, उनकी मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती पहुंचीं। परिवार से मुलाकात के दौरान रोहिणी भावुक नजर आईं। हालांकि, पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि वह अपने पिता के बुलावे पर आई हैं और उनकी इस यात्रा को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

‘पापा ने बुलाया तो आ गई’, रोहिणी ने बताई पटना आने की वजह

पटना पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य ने मीडिया से कहा कि वह अपने माता-पिता से मिलने आई हैं। उन्होंने अपनी यात्रा को निजी बताते हुए इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखने की अपील की।

एयरपोर्ट पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के साथ उनकी मुलाकात चर्चा का विषय रही। लंबे अंतराल के बाद परिवार के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

रोहिणी की वापसी ऐसे समय हुई है, जब पिछले साल परिवार और राजनीति से दूरी बनाने को लेकर उनके बयान चर्चा में रहे थे। अब उनकी घर वापसी के बाद परिवार के रिश्तों और राजद में उनकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, रोहिणी ने अपनी ओर से किसी राजनीतिक जिम्मेदारी की घोषणा नहीं की है।

MLC चुनाव के बीच पटना वापसी पर टिकी नजरें

रोहिणी आचार्य की वापसी बिहार विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव के समय हुई है। चुनाव को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच कुछ सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर मतभेद की चर्चा भी सामने आई है। ऐसे में रोहिणी की वापसी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जगह दी है।

हालांकि, उनकी पटना यात्रा और विधान परिषद चुनाव के बीच किसी सीधे राजनीतिक संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रोहिणी ने खुद कहा है कि वह अपने पिता के बुलावे पर परिवार से मिलने आई हैं।

इसलिए उनकी वापसी को चुनावी रणनीति या पार्टी के किसी फैसले से जोड़ने से पहले राजद की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

क्या राजद में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?

रोहिणी आचार्य के पटना लौटने के बाद राजद में उनकी संभावित भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी से जुड़े कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने पर विचार हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद ने इस विषय पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और परिवार के सदस्यों से चर्चा की है।

हालांकि, राजद की ओर से रोहिणी को कोई नई जिम्मेदारी दिए जाने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल इसे संभावित राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

रोहिणी आचार्य पहले भी राजद से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले चुकी हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण सीट से चुनाव लड़ा था। अब उनकी वापसी के बाद यह देखना होगा कि वह आगे सक्रिय राजनीति में कोई भूमिका निभाती हैं या अपनी यात्रा को पारिवारिक दायरे तक ही सीमित रखती हैं।

एयरपोर्ट पर लालू, राबड़ी और मीसा ने किया स्वागत

गुरुवार शाम पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी आचार्य के स्वागत के लिए लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती मौजूद थीं। रोहिणी ने अपने पिता से मुलाकात की और मां राबड़ी देवी को गले लगाया। इसके बाद वह परिवार के साथ आवास के लिए रवाना हो गईं।

इस दौरान तेजस्वी यादव एयरपोर्ट पर मौजूद नहीं थे। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन के मुताबिक, तेजस्वी उस समय दिल्ली में थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे, लेकिन पार्टी की ओर से उनकी दिल्ली में मौजूदगी को इसकी वजह बताया गया।

अब आगे क्या करेंगी रोहिणी आचार्य?

रोहिणी आचार्य ने फिलहाल अपनी पटना वापसी को पारिवारिक मुलाकात बताया है। दूसरी ओर, पार्टी में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चर्चाएं जारी हैं। इन अटकलों पर स्थिति तभी स्पष्ट होगी, जब रोहिणी या राजद नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने आएगा।

फिलहाल उनकी वापसी के साथ परिवार के रिश्तों और राजद की आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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