RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- Gen Z को देशविरोधी कहना गलत, लोकतांत्रिक तरीके से करें विरोध
- By rakesh --
- 07 Aug 2026 --
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मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं की भूमिका, लोकतांत्रिक विरोध और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज की Gen Z और Gen Alpha देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन में शामिल होने भर से युवाओं को देशविरोधी कहना उचित नहीं है। उनके विचारों को गंभीरता से सुनने और उनके साथ संवाद बनाए रखने की आवश्यकता है।
Gen Z को देश का भविष्य बताया
एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक ईमानदार है। उनके अनुसार, युवाओं में राष्ट्र के प्रति निष्ठा, देशभक्ति और सेवा की भावना को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साथ सम्मान और अपनत्व का रिश्ता होना चाहिए तथा संवाद दोनों पक्षों की सहभागिता से ही सफल हो सकता है।
लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की सलाह
मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के भाषणों का अध्ययन करने का आग्रह किया और कहा कि उनके विचार लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेदों के समाधान का मार्ग दिखाते हैं।
शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनने देना चाहिए
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन की मूलभूत आवश्यकता है और इसे व्यावसायिक कारोबार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा सभी वर्गों के लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने फीस, शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता भी जताई।
लाठीचार्ज और पैलेट गन के सवाल पर क्या कहा?
प्रदर्शनों के दौरान युवाओं पर कथित लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े सवाल पर मोहन भागवत ने कहा कि किसी भी घटना पर राय बनाने से पहले उसके सभी तथ्यों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी के आधार पर किसी पक्ष को सही या गलत ठहराना उचित नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी एक पक्ष पर भरोसा करना हो तो वह Gen Z पर भरोसा करेंगे।
युवाओं के साथ संवाद पर दिया जोर
मोहन भागवत ने कहा कि समाज और व्यवस्था को नई पीढ़ी के विचारों को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, युवाओं की ऊर्जा और भागीदारी देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने संवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों और शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।