बिहार बाढ़ का जायजा लेने ट्रैक्टर पर निकले शिवराज सिंह चौहान और CM

बिहार बाढ़ का जायजा लेने ट्रैक्टर पर निकले शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी, 49.74 लाख लोग प्रभावित

पटना: बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम राज्य पहुंची। हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय टीम के अन्य सदस्य ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान प्रभावित इलाकों में फसल और सड़क की स्थिति का जायजा लिया गया।

केंद्रीय टीम का दौरा बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सहायता की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार के अधिकारियों की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी जा रही है।

शिवराज सिंह चौहान बोले- केंद्र सरकार करेगी मदद

बाढ़ प्रभावित इलाकों के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ की वजह से जो भी नुकसान हुआ है, उसे लेकर केंद्र सरकार सहायता करेगी।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। केंद्रीय टीम के दौरे का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति को समझना बताया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों की मदद कैसे की जाए, इस पर लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि फसल और सड़कों की स्थिति देखी गई है और प्रभावित इलाकों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।

निरीक्षण के बाद होगी समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पूरा होने के बाद समीक्षा बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र की विशेष टीम बिहार भेजने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अन्य टीमें भी बिहार आएंगी और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेंगी। आकलन के आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के दूसरे बाढ़ प्रभावित जिलों में भी जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

बिहार के 15 जिलों में 49.74 लाख आबादी प्रभावित

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार में अलग-अलग नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है।

इन जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बक्सर, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा और कटिहार शामिल हैं।

विभाग के अनुसार इन 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 575 ग्राम पंचायतों में करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंडक नदी मुजफ्फरपुर के डुमरिया घाट में खतरे के निशान से ऊपर बताई गई है।

कोसी नदी खगड़िया के बलतारा और कुरसेला में, जबकि गंगा गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर और बागमती नदी बेनीबाद तथा सोनाखान में खतरे के निशान से ऊपर है।

नदियों के बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है।

नुकसान के आकलन के बाद आगे की सहायता पर फैसला

बाढ़ प्रभावित इलाकों के निरीक्षण के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। राज्य सरकार और केंद्रीय टीम की ओर से फसल, सड़क और अन्य प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक में स्थिति पर चर्चा होगी। वहीं केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार की ओर से सहायता का भरोसा दिया है। अब केंद्रीय और राज्य टीमों के आकलन के बाद आगे की सहायता को लेकर प्रक्रिया बढ़ने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: VBU का 35वां स्थापना दिवस 17 सितंबर को, सेवानिवृत्त शिक्षक-कर्मी और टॉपर विद्यार्थियों का होगा सम्मान