पश्चिम बंगाल में जमीन खरीद-बिक्री पर कड़ा कानून लाने की तैयारी

पश्चिम बंगाल में जमीन खरीद-बिक्री पर कड़ा कानून लाने की तैयारी, शुभेंदु अधिकारी ने दिए संकेत

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जमीन की खरीद-बिक्री और मतांतरण से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार कड़े कानूनी प्रावधान करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को बांकुड़ा में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद इस दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मतांतरण और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में कानून बनाना सरकार के एजेंडे में शामिल है।

जमीन खरीद-बिक्री को लेकर कानून लाने के संकेत

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जबरन मतांतरण और कथित ‘लैंड जिहाद’ जैसे मुद्दों पर चिंता जताते हुए कहा कि उनकी सरकार इन मामलों में कानून बनाने की दिशा में काम करेगी। हालांकि, प्रस्तावित कानून में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर किस तरह के प्रावधान होंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उन्होंने नहीं दी।

सरकार की ओर से कानून लाने की बात सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में जमीन से जुड़े नियमों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर दूसरे धर्म के लोगों द्वारा जमीन खरीदने-बेचने से संबंधित संभावित प्रावधानों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

बंगाल में UCC लाने की भी तैयारी

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतांतरण और जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित कानून उनके बाकी महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हैं।

हालांकि, UCC विधेयक और जमीन से संबंधित प्रस्तावित कानून कब विधानसभा में पेश किए जाएंगे, इसकी कोई निश्चित समयसीमा उन्होंने नहीं बताई।

असम की व्यवस्था का भी किया गया जिक्र

प्रस्तावित कानून की चर्चा के बीच असम में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े प्रावधानों का उदाहरण भी सामने आया है। असम में कुछ क्षेत्रों और विशेष परिस्थितियों में भूमि हस्तांतरण को लेकर अतिरिक्त नियम लागू हैं। कुछ मामलों में जमीन बेचने के लिए सरकारी अनुमति की आवश्यकता हो सकती है।

बंगाल सरकार का प्रस्तावित कानून असम की व्यवस्था की हूबहू नकल करेगा या राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप अलग प्रावधान होंगे, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

सीमा सुरक्षा और जमीन के मुद्दे पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद उठाए गए विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन उपलब्ध कराने की बात कही।

उन्होंने ओबीसी सूची, इमाम-मुअज्जिन भत्ते, गोवंश से जुड़े मुद्दों और मुहर्रम के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर रोक जैसे फैसलों का भी जिक्र किया।

राजनीतिक बहस तेज होने के आसार

जमीन की खरीद-बिक्री और कथित लैंड जिहाद को लेकर भाजपा पहले से ही सवाल उठाती रही है। पार्टी की ओर से सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ और कथित जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर चिंता जताई जाती रही है।

अब पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जमीन खरीद-बिक्री और मतांतरण को लेकर कानून बनाने के संकेत के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल प्रस्तावित कानून की विस्तृत रूपरेखा सामने नहीं आई है।

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