खरगे के बयान पर बिहार में बवाल, भाजपा ने निकाला मार्च और जलाया राहुल गांधी का पोस्टर

खरगे के बयान पर बिहार में बवाल, भाजपा ने निकाला मार्च और जलाया राहुल गांधी का पोस्टर

पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर बिहार में सियासी विवाद गहरा गया है। सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खरगे के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी का पोस्टर जलाया।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक खरगे माफी नहीं मांगते, तब तक विरोध जारी रहेगा। इस मुद्दे पर बिहार में भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा का विरोध मार्च

भाजपा के विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे हैं। सरावगी के मुताबिक, यह विरोध केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य राज्यों की राजधानियों में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

उन्होंने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

गिरिराज सिंह ने भी की माफी और इस्तीफे की मांग

भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने भी खरगे के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व की सोच को दर्शाता है। उन्होंने राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

गिरिराज सिंह ने कहा कि जब तक खरगे माफी नहीं मांगते और इस्तीफा नहीं देते, तब तक भाजपा का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी इस विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

रामकृपाल यादव ने भाषा की मर्यादा पर उठाए सवाल

मंत्री रामकृपाल यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपनी बात रखते समय संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक संवाद में मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस बयान के साथ ही विवाद को लेकर पार्टी की ओर से कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की गई।

क्या है मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का पूरा मामला?

विवाद रविवार को पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए खरगे के बयान से जुड़ा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, एक कार्यकर्ता ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे और जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी सरकार नहीं हटेगी।

इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर कहा, ‘मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।’ भाजपा ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताया।

इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्टी नेताओं ने खरगे से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग उठाई है।

खरगे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में शिकायत

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

हालांकि, शिकायत दिए जाने और किसी कानूनी कार्रवाई के अंतिम परिणाम के बीच अंतर है। मामले में आगे की स्थिति संबंधित पुलिस प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

राहुल गांधी की यात्रा के दौरान भी उठा था विवाद

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। 27 अगस्त 2025 को दरभंगा में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की मां को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला सामने आया था। उस घटना के विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन किए थे और बिहार बंद का आह्वान किया था।

अब खरगे के बयान को लेकर भाजपा ने एक बार फिर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा माफी की मांग पर कायम है, जबकि इस विवाद ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

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