ललन सिंह ने JDU में मतभेद की अटकलों को किया खारिज, अनंत सिंह-नीरज विवाद से बनाई दूरी
- By rakesh --
- 19 Sep 2026 --
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पटना: बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के ट्रेनिंग कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की दूरी को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने सफाई दी है। पटना पहुंचे ललन सिंह ने पार्टी में किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि जेडीयू पूरी तरह एकजुट है और आपसी विचार-विमर्श व सहमति के आधार पर काम कर रही है। ललन सिंह ने पार्टी के भीतर मतभेद की चर्चाओं को बेवजह तूल देने वाली बात बताया।
अनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद पर टिप्पणी से इनकार
मोकामा विधायक अनंत सिंह और जेडीयू नेता नीरज कुमार के बीच जारी बयानबाजी को लेकर भी ललन सिंह से सवाल पूछा गया। हालांकि, उन्होंने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
ललन सिंह ने कहा कि यह दोनों नेताओं का आपसी मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह माना जा रहा है कि उनके बोलने से विवाद समाप्त हो जाएगा, तो यह मीडिया की सोच है। उनके मुताबिक, पार्टी की स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी चर्चा में है। पटना स्नातक सीट को लेकर भी दोनों नेताओं के रुख अलग-अलग बताए जा रहे हैं।
‘जेडीयू पूरी तरह एकजुट है’
ललन सिंह ने जेडीयू में मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में शुरू से ही आंतरिक लोकतंत्र की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन में निर्णय आपसी राय-विचार और सहमति से लिए जाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने पार्टी के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1994 में नीतीश कुमार ने समता पार्टी का गठन किया था। उसी समय से संगठन में विचार-विमर्श और सहमति के आधार पर निर्णय लेने की परंपरा रही है।
ललन सिंह के अनुसार, जेडीयू आज भी उसी परंपरा के तहत काम कर रही है और पार्टी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है।
ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हुए ललन सिंह?
विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के सवाल पर ललन सिंह ने बताया कि उस समय उनका कार्यक्रम गुजरात में पहले से तय था।
उन्होंने कहा कि कई विधायकों ने उन्हें फोन किया था। सभी को उन्होंने बताया कि वह गुजरात में निर्धारित कार्यक्रम के कारण ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे।
ललन सिंह के मुताबिक, रात करीब नौ बजे निशांत कुमार का भी फोन आया था। उन्हें भी उन्होंने गुजरात में अपने कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने जेडीयू नेता संजय झा से बातचीत कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने साफ किया कि ट्रेनिंग कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी को पार्टी के भीतर किसी नाराजगी या मतभेद से जोड़ना सही नहीं है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच क्यों बढ़ा विवाद?
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से बयानबाजी होती रही है। हाल के दिनों में पटना स्नातक सीट को लेकर यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुराने एके-47 मामले को लेकर भी सवाल उठाए और नार्को टेस्ट की बात कही। इसके जवाब में नीरज कुमार ने कहा कि यदि आरोपों के पीछे कोई सबूत है, तो अदालत का रुख किया जाना चाहिए।
दोनों नेताओं के आरोप और जवाब सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। ललन सिंह ने इस विवाद में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए इसे दोनों नेताओं का व्यक्तिगत मामला बताया।
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