लालू प्रसाद के चारा घोटाला मामलों में हाई कोर्ट की सुनवाई

लालू प्रसाद के चारा घोटाला मामलों में हाई कोर्ट की सुनवाई, CBI को 8 हफ्ते का समय

रांची: झारखंड हाई कोर्ट में चारा घोटाला मामलों में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद से जुड़ी अपील पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले से संबंधित दस्तावेज जुटाने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि केस से संबंधित सभी दस्तावेज फिलहाल उसके पास उपलब्ध नहीं हैं। एजेंसी ने दस्तावेज हासिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया।

CBI को रजिस्ट्री से दस्तावेज लेने का निर्देश

सीबीआई की दलील सुनने के बाद अदालत ने एजेंसी को आठ सप्ताह के भीतर रजिस्ट्री से संबंधित सभी दस्तावेज हासिल करने का निर्देश दिया। दस्तावेज मिलने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

लालू प्रसाद के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि चारा घोटाले से जुड़े सभी मामले सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष सूचीबद्ध थे। हालांकि, सीबीआई ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए समय मांगा।

इसके बाद अदालत ने दस्तावेज जुटाने के लिए एजेंसी को आठ सप्ताह की अवधि प्रदान की।

लालू की जमानत को लेकर CBI की दलील

सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की जमानत से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया। अधिवक्ता देवर्षि मंडल के अनुसार, सीबीआई ने लालू प्रसाद की सजा बढ़ाने और उनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

सीबीआई की ओर से दलील दी गई थी कि हाई कोर्ट ने आधी सजा पूरी होने के आधार पर लालू प्रसाद को जमानत दी, जबकि सजा की अवधि की गणना सही तरीके से नहीं की गई है। इसी आधार पर एजेंसी ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से छह महीने में सुनवाई पूरी करने को कहा

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को लालू प्रसाद को जमानत देने के हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने यह भी बताया था कि हाई कोर्ट में लालू प्रसाद की अपील करीब सात वर्षों से लंबित है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से आग्रह किया था कि यदि संभव हो तो चारा घोटाले से संबंधित सभी अपीलों की सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी की जाए।

इसके बाद झारखंड हाई कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई आगे बढ़ रही है।

पांच मामलों से जुड़ा है चारा घोटाला

लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के पांच मामले हैं। इनमें दो मामले चाईबासा कोषागार से संबंधित हैं, जबकि एक-एक मामला दुमका, देवघर और डोरंडा कोषागार से जुड़ा है।

देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी।

सीबीआई ने लालू प्रसाद की सजा बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अब झारखंड हाई कोर्ट में दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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