वंदे भारत एक्सप्रेस ने रचा इतिहास, पहली बार लाइव हार्ट लेकर पहुंची अहमदाबाद, बची मरीज की जिंदगी
- By rakesh --
- 01 Aug 2026 --
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नई दिल्ली: हेल्थकेयर और ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में एक नया बेंचमार्क बनाते हुए, भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस के ज़रिए एक शहर से दूसरे शहर तक जीवित दिल (live heart) पहुँचाने का मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया। यह ऐतिहासिक काम सूरत और अहमदाबाद के बीच किया गया, जहाँ अंग के समय पर पहुँचने से हार्ट ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया संभव हो सकी।
ढाई घंटे में पूरा हुआ जान बचाने वाला मिशन
जीवित दिल को सूरत से अहमदाबाद के यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक पहुँचाना था। हार्ट ट्रांसप्लांट जैसे मामलों में हर मिनट बहुत ज़रूरी होता है। इसलिए, इस मिशन के लिए मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस (20901) को चुना गया। ट्रेन ने तय समय पर अपना सफ़र पूरा किया और लगभग ढाई घंटे में दिल को सुरक्षित अहमदाबाद पहुँचा दिया।
ग्रीन कॉरिडोर ने मिशन को तेज़ किया
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से अस्पताल तक एक खास ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। गुजरात पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), भारतीय रेलवे और मेडिकल प्रोफेशनल्स की एक टीम ने आपसी तालमेल से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। स्टेशन पर ट्रेन के पहुँचते ही, दिल को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहाँ ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हुई।
रेलवे ने इसे इंसानियत की बड़ी जीत बताया
भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने इस मिशन को सिर्फ़ एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि इंसानियत की एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज़ रफ़्तार, समय की पाबंदी और भरोसेमंद कामकाज ने इस जान बचाने वाले काम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। रेलवे का मानना है कि भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर इसी तरह की इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं के लिए आधुनिक ट्रेनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आधुनिक रेल नेटवर्क की एक नई पहचान
यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय रेलवे अब सिर्फ़ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने का ज़रिया नहीं है; यह ज़रूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। अपने आधुनिक रेल नेटवर्क, बेहतरीन तालमेल और कुशल कामकाज के ज़रिए वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित कर दी है।
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