राज्यपाल ने डॉक्टरों को दिया सेवा और संवेदना का संदेश

एम्स देवघर के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संदेश, बोले- चिकित्सा में संवेदना भी जरूरी

देवघर: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवा चिकित्सकों से चिकित्सा के साथ मानवीय संवेदना, नैतिकता और सेवा-भाव को प्राथमिकता देने की अपील की। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर का दायित्व केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीज के मन में विश्वास और आशा जगाना भी है।

युवा डॉक्टरों को करुणा और नैतिकता की सीख

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता वर्षों की मेहनत, लगन और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से अपने पेशेवर जीवन में करुणा, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों को हमेशा महत्व देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र ज्ञान और कौशल से आगे बढ़कर मानवीय सेवा से जुड़ा है। मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार उपचार की प्रक्रिया में विश्वास और उम्मीद को मजबूत करता है।

भारत की चिकित्सा परंपरा और आधुनिक तकनीक

राज्यपाल ने भारत की समृद्ध चिकित्सा परंपरा का उल्लेख करते हुए महर्षि सुश्रुत के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन चिकित्सा ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारत अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के जरिए चिकित्सा विज्ञान में प्रगति कर रहा है।

उन्होंने औषधि निर्माण, टीका उत्पादन, चिकित्सा अनुसंधान और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं में भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है।

AI और रोबोटिक सर्जरी के साथ मानवीय संवेदना जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक सर्जरी और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से इलाज की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इन तकनीकों से उपचार अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इनके साथ चिकित्सकों में विवेक, संवेदनशीलता और लगातार सीखने की प्रवृत्ति भी जरूरी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक मरीज के प्रति मानवीय संवेदना का स्थान नहीं ले सकती। इसलिए युवा डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के साथ मरीजों की जरूरतों और भावनाओं को भी समझना चाहिए।

झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

राज्यपाल ने झारखंड के जनजातीय और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने युवा चिकित्सकों से गरीब और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रहने को कहा। उनके अनुसार, डॉक्टर अपनी विशेषज्ञता और सेवाभाव से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

एम्स देवघर से सीमावर्ती क्षेत्रों को बेहतर इलाज की उम्मीद

राज्यपाल ने कहा कि एम्स देवघर की स्थापना झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि एम्स देवघर चिकित्सा शिक्षा और उपचार के साथ अनुसंधान तथा जनसेवा का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने उपाधिधारकों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और मानव जीवन को बेहतर बनाने में करने का आह्वान किया।

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