दीपावली से पहले झरिया में बड़ी कार्रवाई, 360 किलो रंगीन बताशा और सेवई जब्त
- By rakesh --
- 03 Nov 2026 --
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झरिया: दीपावली से पहले मिठाइयों और खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने झरिया में कार्रवाई की है। सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने झरिया थाना क्षेत्र के फतेहपुर रोड स्थित एक कारखाने में औचक छापेमारी की। इस दौरान 210 किलोग्राम रंगीन बताशा और 150 किलोग्राम कथित मिलावटी सेवई बरामद की गई। विभाग ने कुल 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त कर कारखाने में सील कर दी। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
गुप्त सूचना पर फतेहपुर रोड स्थित कारखाने में छापेमारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि फतेहपुर गली में बिना अनुमति मिठाई बनाने का कारखाना संचालित किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए टीम ने सोमवार को अचानक वहां पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान कारखाने में बड़ी मात्रा में रंगीन बताशा और सेवई मिली।
अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इसके अलावा कारखाना बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। विभाग अब बरामद सामग्री की गुणवत्ता और उसके निर्माण से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहा है।
दीपावली में बिक्री के लिए तैयार किए जा रहे थे बताशे
छापेमारी के दौरान 210 किलो रंगीन बताशा बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, इन बताशों को दीपावली के मौके पर बाजार में बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था। इसके साथ ही 150 किलो सेवई भी मिली, जिसे मिलावटी बताया गया है। इस तरह कुल 360 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई।
बताया जा रहा है कि संबंधित कारखाने से धनबाद जिले के विभिन्न इलाकों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जाती थी। इस वजह से विभाग अब यह जानकारी जुटाने में लगा है कि यहां तैयार किए गए बताशे और सेवई किन दुकानों तथा बाजारों तक पहुंचाए गए हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री कहीं पहले से बाजार में तो नहीं पहुंच चुकी है।
जब्त खाद्य सामग्री को कमरे में रखकर किया गया सील
कार्रवाई के बाद विभागीय टीम ने बरामद 210 किलो रंगीन बताशा और 150 किलो सेवई को कारखाने के एक कमरे में रखवाया। इसके बाद कमरे में ताला लगाकर उसे सील कर दिया गया, ताकि जांच पूरी होने तक जब्त सामग्री सुरक्षित रहे।
अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए रांची भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने के बाद ही खाद्य सामग्री में मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की पुष्टि हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कारखाना संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस के कारखाना संचालित किए जाने के मामले को भी विभाग ने जांच के दायरे में रखा है।
इस छापेमारी अभियान में सेफ्टी ऑफिसर चंदन कुमार साव, चंद्रदेव मंजू और नैना कुमार नायक शामिल थे। त्योहार के दौरान मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए विभाग की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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