धनबाद के BCCL अस्पताल में खुलेगी कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट, 3-4 महीने में शुरू होने की उम्मीद
- By rakesh --
- 26 Oct 2026 --
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धनबाद। कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बीसीसीएल (BCCL) के श्रमिकों, उनके परिजनों और स्थानीय मरीजों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के केंद्रीय अस्पताल में जल्द ही कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अगले तीन से चार महीनों में दोनों यूनिट चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस दिशा में कंपनी की ओर से गठित कमेटी ने बीएम बिड़ला और टाटा कैंसर अस्पताल का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बीसीसीएल के उच्च प्रबंधन को सौंप दी है। दी गई जानकारी के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने दोनों चिकित्सा इकाइयां स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
BCCL केंद्रीय अस्पताल में गंभीर बीमारियों के इलाज की तैयारी
कैंसर और हृदय रोग के इलाज के लिए मरीजों को अक्सर दूसरे शहरों के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को लंबी दूरी तय करने के साथ अतिरिक्त खर्च और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू होने से धनबाद तथा आसपास के क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा बढ़ सकती है। खासकर उन बीसीसीएल कर्मियों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है।
हालांकि, मरीजों को वास्तविक राहत दोनों यूनिट में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, जांच सुविधाओं और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था होने के बाद ही मिल सकेगी।
PPP मॉडल पर होगा दोनों यूनिट का संचालन
केंद्रीय अस्पताल में कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करने की योजना है। इसके लिए कंसल्टेंट की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही, परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एमओयू में बीसीसीएल की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन, भवन और अन्य संसाधनों के साथ निजी भागीदार की भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। इस व्यवस्था के जरिए अस्पताल में जरूरी चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने और उनके संचालन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
दूसरे शहरों में इलाज पर होने वाला खर्च घटने की उम्मीद
वर्तमान में गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई बीसीसीएल कर्मियों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के अस्पतालों में भेजना पड़ता है। इस पर कंपनी को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
यदि केंद्रीय अस्पताल में ही कैंसर और हृदय रोग के इलाज की समुचित व्यवस्था हो जाती है, तो मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे श्रमिकों और उनके परिजनों को यात्रा तथा इलाज से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलने के साथ कंपनी के चिकित्सा खर्च में भी कमी आने की संभावना है।
हालांकि, खर्च में वास्तविक कमी और मरीजों को मिलने वाले लाभ का आकलन दोनों यूनिट के संचालन, उपचार की उपलब्धता और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर ही किया जा सकेगा।
BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने क्या कहा?
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के श्रमिक एक परिवार की तरह हैं और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से केंद्रीय अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर कैंसर और कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर अगले तीन से चार महीनों में दोनों यूनिट चालू करने का लक्ष्य है। इन सुविधाओं के शुरू होने से बीसीसीएल कर्मियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धनबाद के स्थानीय मरीजों को भी मिल सकती है राहत
प्रस्तावित यूनिट से केवल बीसीसीएल कर्मियों और उनके परिजनों को ही नहीं, बल्कि धनबाद तथा आसपास के जरूरतमंद मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय मरीजों के लिए इलाज की उपलब्धता, पात्रता, शुल्क और अन्य शर्तें क्या होंगी, यह संचालन की अंतिम व्यवस्था में स्पष्ट होगा।
परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कैंसर और हृदय रोग के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, आधुनिक उपकरण, जरूरी जांच और किफायती इलाज की व्यवस्था किस स्तर तक सुनिश्चित की जाती है।
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