हेमंत सोरेन की मां के संस्कार भोज में पहुंचे बाबा रामदेव, नेमरा में हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
- By rakesh --
- 18 Oct 2026 --
- comments are disable
रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने के लिए रविवार को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित उनके पैतृक गांव नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही गांव में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिला, पुरुष, बच्चों और बुजुर्गों के साथ विभिन्न समाजों के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने उनके पैतृक आवास पहुंचे और दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी।
दोपहर 1:20 बजे नेमरा पहुंचे बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव रविवार दोपहर करीब 1:20 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक आवास पहुंचे। आवास की ओर जाते समय उन्होंने अपनी गाड़ी से बाहर निकलकर संस्कार भोज में शामिल होने आए लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं पैतृक आवास के प्रवेश द्वार के पास पहुंचे और बाबा रामदेव से मुलाकात की। इसके बाद वे उन्हें आवास के अंदर ले गए। वहां बाबा रामदेव ने दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
संथाली रीति-रिवाज से निभाई गईं संस्कार की रस्में
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी मां रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद घर के आंगन में तुलसी मंडप के पास संथाली रीति-रिवाज के अनुसार निर्धारित रस्में निभाई गईं।
संस्कार भोज के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। संथाल समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। आयोजन में पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
पंडाल में पहुंचे मुख्यमंत्री, बुजुर्गों का जाना हालचाल
संस्कार भोज के लिए मुख्यमंत्री के पैतृक आवास के पास बड़ा पंडाल बनाया गया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पंडाल में पहुंचे और वहां भोजन कर रहे लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्ग महिला-पुरुषों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से लोग नेमरा पहुंच रहे थे। संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।
झामुमो नेताओं और मंत्रियों ने संभाली व्यवस्था
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी, संजय यादव और योगेंद्र महतो सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता विनोद पांडे, फागू बेसरा, संजीव बेदिया, विनोद किस्कू और मदन मोहन अग्रवाल मौजूद रहे।
झारखंड के अलग-अलग जिलों से पहुंचे झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी आयोजन की व्यवस्था संभालने में भूमिका निभाई। लोगों की लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए अतिथियों और आम लोगों की सुविधा पर ध्यान दिया गया।
बरलांगा चौक से नेमरा तक आवागमन की व्यवस्था
संस्कार भोज में शामिल होने वाले लोग बरलांगा चौक से लुकैयाटांड़ तक वाहनों से पहुंच रहे थे। वहां से ऑटो और टोटो के जरिए लोगों को मुख्यमंत्री के पैतृक आवास तक लाया जा रहा था। आसपास के मार्गों से भी लोग पैदल गांव पहुंच रहे थे।
लोगों की आवाजाही को देखते हुए इलाके में यातायात व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती रही। प्रशासन ने आवागमन सुचारु रखने और लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्था की।
यह भी पढ़ें: Brajmohan Ram बने ओडिशा के 28वें राज्यपाल, जानें पलामू से लोकभवन तक का पूरा राजनीतिक सफर