गुमला में सड़क नहीं तो गर्भवती को गेंड़ुआ भार में ढोया, 2 KM पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण
- By rakesh --
- 31 Aug 2026 --
- comments are disable
गुमला। रायडीह प्रखंड की कोब्जा पंचायत के बेंदवाकोना गांव में सड़क सुविधा नहीं होने का मामला सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिवार और ग्रामीणों को करीब दो किलोमीटर तक गेंड़ुआ भार में ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा।
गणेश सिंह की पत्नी बृंदावती देवी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस वहां नहीं पहुंच सकी। इसके बाद परिजनों ने महिला को गेंड़ुआ भार में उठाया और पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचे।
मुख्य सड़क पर पहुंचने के बाद निजी वाहन किराये पर लेकर बृंदावती देवी को सदर अस्पताल गुमला ले जाया गया।
सड़क के साथ पानी और बिजली की भी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि बेंदवाकोना गांव में सड़क के साथ-साथ पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। ग्रामीण ब्रजनाथ सिंह के अनुसार, सड़क नहीं होने के कारण गांव का विकास प्रभावित हो रहा है।
बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में सबसे अधिक परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं, जिसके कारण मरीजों को पैदल मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
डाड़ी-चुआं के पानी पर निर्भर ग्रामीण
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में नियमित पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोग डाड़ी-चुआं के पानी पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में इसके सूख जाने से पानी की समस्या और बढ़ जाती है।
वहीं, बरसात के दौरान पानी के गंदा होने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की है। बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों को आज भी ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई बार मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, पानी और बिजली की समस्या को लेकर कई बार विधायक, सांसद और प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
स्थानीय युवा समाजसेवी कमल किशोर पहान ने गांव की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से बेंदवाकोना तक करीब दो किलोमीटर मुख्य सड़क का निर्माण कराने की मांग की।
जलमीनार और बिजली सुविधा की भी मांग
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ पेयजल के लिए जलमीनार लगाने और गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
बेंदवाकोना में गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों द्वारा उठाए गए इस कदम ने गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी।