लातेहार में आदिवासी महिला से कथित मारपीट

लातेहार में आदिवासी महिला से कथित मारपीट, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के बारियातू थाना क्षेत्र में आदिवासी महिला पुनिया देवी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट, गाली-गलौज, छेड़छाड़ और नकदी ले जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लेते हुए लातेहार पुलिस को जांच और उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। मामले में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस को दिया जांच का निर्देश

झारखंड जनाधिकार महासभा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पुनिया देवी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लातेहार पुलिस को तत्काल जांच करने और उचित कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर जांच की जाए और उचित कार्रवाई करते हुए सूचना दी जाए। उन्होंने इस स्थिति को अस्वीकार्य बताया।

महिला ने लगाए मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप

महिला की ओर से लातेहार एसपी को दिए गए आवेदन के अनुसार, 5 अक्टूबर को वह गांव के पास बकरी चरा रही थी। इसी दौरान बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, मुंशी मनीष और वाहन चालक चंद्रदेव ठाकुर वहां पहुंचे। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे पोस्ता कारोबार से जुड़ा बताते हुए गाली-गलौज और मारपीट की।

आवेदन में महिला ने छेड़छाड़ और प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए हैं। उसका दावा है कि उसे दिनभर जंगल में रखा गया और उसके पैर बांधकर पेड़ से लटका दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी बेटी की शादी के लिए घर में रखे 80 हजार रुपये ले लिए गए।

महिला के मुताबिक, पोस्ता कारोबार में संलिप्तता स्वीकार करने वाला वीडियो भी मोबाइल से बनाया गया। उसने एसपी से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जनाधिकार महासभा ने भी उठाया मामला

झारखंड जनाधिकार महासभा ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पुनिया देवी को बकरी चराने के दौरान पुलिसकर्मियों ने पकड़ा और उनके साथ मारपीट की। संगठन ने रास्ते में और थाने में भी कथित प्रताड़ना, अनुचित तरीके से छूने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की ओर से जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार

मामले पर बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने आरोपों को निराधार बताया था। वहीं, लातेहार एसपी कुमार गौरव ने कहा कि महिला का आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने उचित कार्रवाई की बात कही।

थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामले में पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और वाहन चालक चंद्रदेव ठाकुर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।

पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर को बगनदी महुआ के पास अफीम की बरामदगी के लिए छापेमारी की गई थी। महिला के आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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