गुमला में 23 जंगली हाथियों का झुंड, धान और सब्जियों की फसल बर्बाद
- By rakesh --
- 23 Oct 2026 --
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गुमला: झारखंड के गुमला जिले में जंगली हाथियों के झुंड की आवाजाही से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पालकोट और बसिया क्षेत्र में उत्पात मचाने के बाद 23 हाथियों का दल पिछले पांच से छह दिनों से कामडरा प्रखंड में विचरण कर रहा है। झुंड में पांच छोटे हाथी भी शामिल हैं। खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
कामडरा के जंगल में हाथियों की निगरानी
बसिया वन प्रमंडल के अधिकारी शेखर सिंह के अनुसार, हाथियों का झुंड फिलहाल कामडरा प्रखंड के कोड़ेकेड़ा जंगल में है। वन विभाग की 10 सदस्यीय टीम चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। विभाग का प्रयास है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से सारंडा जंगल की ओर भेजा जाए।
हालांकि, झुंड में हाथियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
पालकोट और बसिया के बाद कामडरा पहुंचा झुंड
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल करीब एक महीने तक पालकोट और बसिया क्षेत्र में घूमता रहा। इसके बाद झुंड को सिमडेगा की ओर भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन पांच-छह दिन पहले हाथी दोबारा कामडरा क्षेत्र में पहुंच गए।
कुछ दिन पहले झुंड से एक हाथी का बच्चा अलग हो गया था। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित बचाकर फिर से झुंड के साथ मिला दिया। फिलहाल विभाग हाथियों को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने के लिए निगरानी और प्रयास जारी रखे हुए है।
धान, केला और सब्जियों की फसलों को नुकसान
हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, झुंड ने केला, ईख, आलू, फूलगोभी, शकरकंद और धान समेत कई फसलों को क्षति पहुंचाई है।
प्रभावित किसानों में लक्ष्मण ओहदार, बुधवा खड़िया, खिरोधर नाग, रामजीत नाग, सुजीत नाग और सनिका इंदवार सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। फसलों की बर्बादी से खेती पर निर्भर परिवारों की आर्थिक चिंता बढ़ गई है। किसानों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों को मशाल, पटाखे और टॉर्च दिए गए
हाथियों को आबादी वाले इलाकों और खेतों से दूर रखने के लिए वन विभाग ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है। इसके तहत ग्रामीणों को मशाल, पटाखे और टॉर्च उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद बड़े झुंड को सुरक्षित तरीके से दूसरी ओर भेजने में सावधानी बरतनी पड़ रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें परेशान करने से खतरा बढ़ सकता है। हाथियों को देखने पर उनके पास जाने के बजाय वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।
पालकोट, बसिया और कामडरा के ग्रामीणों में चिंता
हाथियों के लगातार ठिकाने बदलने और फसलों को नुकसान पहुंचाने से पालकोट, बसिया और कामडरा क्षेत्र के ग्रामीण चिंतित हैं। किसानों को अब फसल नुकसान के आकलन और मुआवजा मिलने का इंतजार है। वहीं, वन विभाग के सामने हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर ले जाने की चुनौती बनी हुई है।
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